सामान्य नियम एवं अनुशासन :
1. महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्रा से अनुशासित, विनम्र एवं शिष्ट आचरण की अपेक्षा की जाती है। महाविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए पान, पान-मसाला, बीड़ी, सिगरेट एवं अन्य सभी प्रकार के नशा का सेवन करना वर्जित है और इसका पालन न करना गंभीर अनुशासनहीनता होगी। ऐसे छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
2. महाविद्यालय परिसर में मोबाइल का प्रयोग वर्जित है। अतः सभी छात्र/छात्रा से अपेक्षा की जाती है कि परिसर में प्रवेश करते समय अपने मोबाइल बंद या शांत मुद्रा में रखें। इसका पालन न करना अनुशासनहीनता माना जायेगा और ऐसे छात्र-छात्राओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
3. महाविद्यालय में सुव्यवस्था, शान्ति एवं अनुशासन की स्थापना हेतु अनुशासन समिति (निगरा मण्डल) होती है, जिसका प्रमुख नियंता होता है। अच्छी व्यवस्था के लिए मुख्य नियंता एवं उसकी समिति सदैव तत्पर रहती है। अनुशासन समिति की बैठक माह में दो बार अवश्य होती है, जिसके संरक्षक प्राचार्य होते हैं। अनुशासनहीनता सम्बन्धी प्रत्येक विवाद इसी अनुशासन समिति द्वारा निस्तारित होता है।
4. महाविद्यालय परिसर, कक्षाओं तथा सार्वजनिक स्थलों पर शिष्ट, सभ्यतित एवं अनुशासित रहें। दुर्व्यवहार, उच्छृंखलता, अमर्यादित आचरण करने पर निष्कासन तक का दण्ड दिया जा सकता है।
5. अपनी समस्याओं और कठिनाइयों के निवारण हेतु छात्र/छात्राएँ प्राचार्य से व्यक्तिगत सम्पर्क कर सकते हैं।
परिचय पत्र
प्रत्येक छात्र/छात्राओं का कर्तव्य है कि वह प्रवेश के तत्काल बाद अपना परिचय पत्र बनवा लें। परिचय-पत्र सदैव साथ रखना आवश्यक है। किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा मांगे जाने पर परिचय पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। परिचय-पत्र खो जाने पर निर्धारित शुल्क जमा कर दूसरा परिचय पत्र बनवाना होगा।
उपस्थिति:
विश्वविद्यालय की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रत्येक विषय में 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है। उपस्थिति का प्रतिशत कम होने पर परीक्षा में बैठने से रोक दिया जायेगा। छात्र/छात्राओं तथा उनके अभिभावकों का यह दायित्व है कि वे उपस्थिति प्रतिशत की जानकारी समय-समय पर लेते रहें।